टीचर्स सेल्फ हेल्प टीम बिहार (TSHT BIHAR)

नियमावली (Regulation)


नियम:-1-TSHT BIHAR मंच से बिहार राज्याधीन अवस्थित प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के समस्त सरकारी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मी जुड़ सकते हैं।

नियम:-2-टीचर्स सेल्फ हेल्प टीम (TSHT)से जुड़ने के लिए इच्छुक शिक्षक को वेबसाइट http://tshtbihar.in पर निर्धारित आवश्यक सूचना संबंधी फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है।साथ ही TSHT BIHAR का टेलीग्राम पर आधिकारिक ग्रुप बनाया गया है जिस पर समय-समय पर सहयोग या नियम या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदान की जाती रहती हैं। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने संबंधी पोल ,विचार, सुझाव आदि के दृष्टिगत ग्रुप के सदस्यों को भी विचार रखने और पोल में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाता है। यही कारण है कि TSHT का सदस्य बनने के साथ ही महत्वपूर्ण सूचनाओं से अपडेट रहने हेतु टेलीग्राम ग्रुप को सप्ताह में काम से कम दो बार देखने और अपडेट रहने की भी बाध्यता रखी गई है। कोई भी सदस्य यदि टेलीग्राम ग्रुप नियमित रूप से नहीं देखते और संबंधित सूचनाएं प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो संबंधित शिक्षक/सदस्य स्वयं जिम्मेदार होंगे इसके अलावे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, प्रखंड स्तरीय एवं जिला स्तरीय टीम के माध्यम से भी सूचनाओं का प्रसारण किया जाएगा परंतु यह माध्यम वैकल्पिक होंगे।

नियम-3:- TSHT का प्रथम दिवस से ही यह नियम है कि 'जो सहयोग करेगा,उसे ही सहयोग प्राप्त होगा'। इसमें प्रथम दिवस से ही सदस्यता पूर्ण रूपेण नि:शुल्क है। टीम से जुड़ने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। केवल दिवंगत सदस्यों के परिवार को सहयोग ही भेजना जरूरी होता है।

NOTE:-अगर TSHT से जुड़ा कोई सदस्य किसी अन्य सम विषयक टीम का प्रचार-प्रसार करता है या ऐसी किसी टीम का पदाधिकारी बनता है तो उसकी सदस्यता स्वत: समाप्त समझी जाएगी तथा ऐसे सदस्य पूर्व में किए गए सहयोग के बदले किसी भी प्रकार के लाभ का दावा नहीं कर सकेंगे।

नियम-4:- TSHT द्वारा हेल्पलाइन नंबर- 9973040223 एवं 9905388884 सदस्यों की सुविधा हेतु जारी किया गया है जिस पर कॉल /व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी/सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सकता है। कोई भी सदस्य उपरोक्त नंबरों पर कॉल या मैसेज करके सूचना दे/ले सकते हैं।

नियम-5:-TSHT से जुड़े प्रत्येक सदस्य द्वारा दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग करना अनिवार्य होगा। इस मंच का एकमात्र उद्देश्य है, "जो सहयोग करेगा, उसे ही सहयोग प्राप्त होगा।

नियम-6:- 'TSHT' के प्रत्येक शिक्षक /सदस्य के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह किसी भी वैधानिक सदस्य के निधन की स्थिति में दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में न्यूनतम घोषित सहयोग राशि भुगतान करें वर्तमान में निर्धारित न्यूनतम घोषित सहयोग राशि ₹155/- (एक सौ पचपन रुपए मात्र) है। इस मंच का उद्देश्य अधिक से अधिक शिक्षकों को जोड़ना है। ताकि सदस्य संख्या में वृद्धि के साथ-साथ घोषित न्यूनतम राशि घटाई जा सके और कम राशि में अधिक सहयोग किया जा सके।

नियम-7:-लॉक इन पीरियड:- लॉक इन पीरियड (निश्चित अवरुद्धता अवधि) से तात्पर्य यह है कि यदि कोई शिक्षक किसी माह के प्रथम तारीख को समूह का सदस्य बनता है और उसकी मृत्यु उसी माह के 15 तारीख (अथवा जितने दिनों का लॉक इन पीरियड हो) को हो जाती है तो समूह द्वारा उसे कोई सहयोग नहीं किया जाएगा।साथ ही उस लॉक इन पीरियड में यदि कोई सहयोग चलता है तो वैसे सदस्य द्वारा सहयोग करना भी बाध्यकारी नहीं होगा। परंतु वह चाहे तो मानवता एवं सेवा भाव से सहयोग कर सकता है।किंतु उस सहयोग के बदले लॉक इन पीरियड के दौरान मृत्यु होने पर उसके नॉमिनी द्वारा सहयोग का दवा नहीं किया जा सकेगा। परंतु ऐसे सदस्य की मृत्यु सदस्य बने एवं लॉक इन पीरियड की समाप्ति के बाद हो जाती है अथवा लॉक इन पीरियड के बाद उसे सहयोग करने का अवसर मिले बिना ही उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसे टीम द्वारा सहयोग किया जाएगा। क्योंकि उसे सहयोग करने का अवसर नहीं मिला तो उसके सहयोग करने की निष्ठा को गलत नहीं ठहराया जा सकता।इसलिए उसका सहयोग किया जाने का प्रावधान रहेगा।

NOTE: वर्तमान समय में लॉक इन पीरियड प्रभावी नहीं है।समय-समय पर लॉक इन पीरियड की अवधि में परिवर्तन करने का अधिकार 'TSHT' के कोर कमेटी के पास सुरक्षित रहेगा।

नियम-8:-वर्तमान समय में सहयोग प्राप्त करने हेतु सभी सहयोग करना अनिवार्य होगा।सदस्य बनने के बाद, (लॉक इन पीरियड के उपरांत यदि लागू हो) समस्त सहयोग करने के उपरांत नियमत: जारी वेबसाइट/ गूगल फॉर्म भरते हुए रसीद अपलोड करना अनिवार्य होगा।बिना सहयोग किये या सहयोग करने के उपरांत गूगल फॉर्म न भर पाने की स्थिति में सहयोग प्राप्त करने हेतु अर्ह नहीं होंगे।क्योंकि वैधानिकता की पुष्टि हेतु सहयोग के बाद फॉर्म भरना अनिवार्य है।

नियम-9:-"TSHT"से जुड़े प्रत्येक सदस्य से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रत्येक सहयोग में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले जिससे उसके सदस्यता की वैधानिकता बनी रहे। यदि किसी शिक्षक/सदस्य द्वारा सदस्यता लेने के उपरांत सहयोग नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में वह टीम का वैधानिक सदस्य नहीं होगा।ऐसी स्थिति में संबंधित शिक्षक अपने सदस्यता की वैधानिकता निम्नलिखित नियमों के तहत सक्रिय कर सकते हैं-

नियम-9A: ऐसे सदस्य जो टीम से जुड़ने के उपरांत सतत सहयोग करते आ रहे हैं वे वैधानिक सदस्य माने जाएंगे। ऐसे सदस्य जो अपनी सदस्यता अवधि में कुल कम से कम 90% या उससे अधिक बार सहयोग किये होंगे वैधानिक सदस्य होंगे। परंतु 10 सहयोग से पहले (यानी 90% वाली छूट से पूर्व)कोई सहयोग ब्रेक होता है तो वैधानिकता समाप्त हो जाएगी।किंतु एक बार वैधानिकता समाप्त होने पर लगातार तीन सहयोग करके सदस्यता पुन: बहाल की जा सकेगी । परन्तु यह अवसर किसी सदस्य को केवल एक बार ही प्रदान किया जाएगा। यदि किसी शिक्षक/सदस्य द्वारा 2 से अधिक सहयोग ब्रेक होता है तो ऐसी दशा में नियम 9B लागू होगा।

नियम-9B:-रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत सहयोग न करने वाले सदस्य यदि स्वत: क्रियाशील होकर वैधानिक सदस्य बनकर सहयोग करने की स्थिति में एवं बीच में 2 से अधिक सहयोग ब्रेक होने की दशा में, सतत पांच सहयोग करने के बाद ही सदस्यता बहाल मानी जाएगी। ऐसे मामले में तीन माह का लॉक इन पीरियड भी लागू रहेगा।

नियम-9C:- जो सदस्य किसी कारण से सहयोग नहीं कर पाए,उनको हमेशा के लिए निकालने से बेहतर, एक मौका देना है।इस प्रकार जो अब तक सहयोग नहीं किये हैं और अब सहयोग करना चाह रहे हैं तो ऐसे सदस्य लगातार पांच सहयोग करके सदस्यता बहाल कर सकते हैं। ऐसे सदस्यों के लिए 3माह का लॉक इन पीरियड प्रभावी रहेगा

नियम-10:-यदि कोई सदस्य वर्ष में एक बार सहयोग छोड़ देता है तो वह तीन माह का लॉक इन पीरियड तथा उस बीच के समस्त सहयोग पूर्ण करके पुनः वैधानिक सदस्य हो सकता है।

नियम-11:-अगर कोई सदस्य एक वर्ष के अंतराल में ही दो या दो से अधिक बार सहयोग छोड़ देता है तो उसे वैधानिक सदस्य होने के लिए 5 मा का लॉक इन पीरियड तथा उसे बीच के समस्त सहयोग पूर्ण करने पर पुनः वैधानिक सदस्य हो सकता है।

नियम-12:-यदि कोई शिक्षक/सदस्य पूर्व के समस्त सहयोग पूर्ण कर रहा था और वह टीम का वैधानिक सदस्य था किन्तु गतिमान सहयोग के दौरान (सहयोग प्रारम्भ होने की तिथि से सहयोग खत्म होने तक), सहयोग की तिथि समाप्त होने के पूर्व सहयोग नहीं किया रहता है, और इस दौरान उसकी दु:खद मृत्यु हो जाती है तो वह लाभ का पात्र माना जाएगा।क्योंकि यह माना जाएगा।क्योंकि यदि वह जीवित होते तो पूर्व की भांति सहयोग अवश्य करते।

नियम- 13:- आत्महत्या या किसी विवादित मामले या अन्य मामले जो संज्ञान लेने लायक हो, में कोर टीम के पास पड़ताल करके वस्तु स्थिति से अवगत होने के बाद निर्णय लेने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग/पोल अथवा जिला इकाई या सदस्यों के भी विचार लिए जा सकेंगे।

नियम-14:- वस्तुत: एक से अधिक शिक्षक/सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी मृत्यु की तिथि के क्रम में ही सहयोग किया जाएगा।किंतु यदि किन्हीं दो या दो से अधिक शिक्षकों की मृत्यु एक ही तिथि में होती है तो ऐसी स्थिति में उस शिक्षक का सहयोग पहले किया जाएगा जिसके सहयोग करने का प्रतिशत/औसत अधिक होगा उसके बाद अन्य का।

नियम-15:- नॉमिनी सम्बन्धी विवाद की स्थिति में प्रदेश/कोर टीम परीक्षणोपरांत निर्णय लेने और सहयोग करवाने हेतु स्वतन्त्र होगी।

नियम-16:- 'TSHT' किसी भी शिक्षक को जबरन या दबाव देकर सदस्य नहीं बनाती है।सदस्यों को नियम स्वीकार करके सदस्य बनने का विकल्प प्रदान किया जाता है। स्वेच्छा से कोई भी सदस्य कभी भी खुद को अलग कर सकता है।

नियम-17:- 'TSHT' से जुड़ने हेतु कोई भी सदस्यता शुल्क निर्धारित नहीं है। कोई भी शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मी नियम एवं शर्तों से सहमत होकर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करके सदस्य बन सकता है।

नियम-18:- 'TSHT' सहयोग सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में करवाने के लिए प्रयासरत होगी। इसलिए किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।

नियम-19:- 'TSHT' की सदस्यता लेने के उपरांत टीम के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल से जुड़ना सबके लिए अनिवार्य होगा। क्योंकि सम्बंधित सूचनाएं टेलीग्राम ग्रुप पर ही दी जाएगी। सुविधाओं के दृष्टिगत सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भी सूचनाएं देने का प्रयास किया जाएगा। परन्तु यह किया जाना बाध्यकारी नहीं अपितु वैकल्पिक होगा।

नियम-20:- 'TSHT' बिहार राज्य की स्वैच्छिक सहभागिता पर आधारित एक टीम है।जहां सदस्यों द्वारा अपना सहयोग सीधे दिवंगत शिक्षक/सदस्य के नॉमिनी को उसके खाते में दिया जाता है। आपके द्वारा दिए गए सहयोग के बदले सहयोग प्राप्त करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होगा। यह पूरी तरह सदस्यों की मर्जी पर निर्भर रहेगा। टीम द्वारा अपील करने पर सहयोग कम या ज्यादा आने पर या ना आने की दशा में टीम जिम्मेदार नहीं होगी। क्योंकि टीम केवल सहयोग की अपील करती है।

नियम-21:- समय एवं आवश्यकतानुसार TSHT के किसी भी नियम में कभी भी आंशिक संशोधन या परिवर्तन सम्बन्धी अधिकार कोर टीम के पास सुरक्षित रहेगा।

किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।

आपका अनुज
दिलीप कुमार पटेल
संस्थापक- अध्यक्ष
टीचर्स सेल्फ हेल्प टीम बिहार
(TSHT BIHAR)
मोबाइल नम्बर:- 9973040223